रक्षाबंधन 2024 इस बार 19 अगस्त को मनाया जाएगा, लेकिन इस बार भद्राकाल का प्रभाव रक्षाबंधन के पर्व को लेकर कुछ विशेष परिस्थितियाँ उत्पन्न करेगा। भद्राकाल के दौरान राखी बांधने से संबंधित धार्मिक और ज्योतिषीय जानकारी को समझना आपके पर्व को सुखमय और बिना किसी अशुभ प्रभाव के बनाने में मदद कर सकता है।
भद्राकाल का महत्व और प्रभाव
भद्राकाल के समय को शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। पुराणों के अनुसार, भद्रा सूर्यदेव की पुत्री और न्याय के देवता शनिदेव की बहन हैं। उनका स्वभाव शनिदेव की तरह ही क्रोधित होता है। भद्राकाल के दौरान शुभ और मांगलिक कार्य करने से रोकने का मुख्य कारण यह है कि भद्रा के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए भगवान ब्रह्मा ने उन्हें पंचांग के विष्टि करण में स्थान दिया था। इसी वजह से भद्राकाल में राखी बांधना वर्जित माना जाता है।
इतिहास में भी भद्राकाल के समय राखी बांधने का एक उदासीन उदाहरण मिलता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण की बहन सरपका ने भद्राकाल के दौरान अपने भाई रावण के हाथ पर राखी बांधी थी, जिसके परिणामस्वरूप रावण की पराजय और लंका का विनाश हुआ। इस प्रकार की घटनाओं से यह मान्यता भी जुड़ी है कि भद्राकाल में राखी बांधना अशुभ हो सकता है।
रक्षाबंधन 2024 के लिए भद्राकाल का समय
रक्षाबंधन इस बार 19 अगस्त को सोमवार को पड़ रहा है। भद्राकाल इस दिन रात 2:02 बजे से शुरू होगा और यह पूर्णिमा के दिन दोपहर 1:02 बजे तक रहेगा। इस प्रकार, भद्राकाल का प्रभाव सुबह-सुबह रहेगा, जिससे रक्षाबंधन के त्योहार की शुरुआत में ही भद्राकाल का साया रहेगा।
शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन पर राखी बांधने का सबसे शुभ समय भद्राकाल के समाप्ति के बाद होगा। इस बार, भद्राकाल का समापन 19 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे के आसपास होगा। इसके बाद, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा और शाम 4:02 बजे तक चलेगा। इस समय में राखी बांधना विशेष रूप से शुभ माना जाएगा।
अगर आप इस समय के दौरान राखी नहीं बांध पाते हैं, तो प्रदोष काल में भी राखी बांधना शुभ रहेगा। प्रदोष काल 19 अगस्त की शाम 6:56 बजे से रात 9:07 बजे तक रहेगा।
रक्षाबंधन के उपयुक्त मंत्र
राखी बांधते समय, आप इस विशेष मंत्र का उच्चारण भी कर सकते हैं जो लाभकारी हो सकता है:
"येन बद्धो बलि राजा दानवेंद्रो महाबलः
तेन त्वाम प्रतिबद्धं नाम रक्षे माचल माचल"
इस प्रकार, रक्षाबंधन 2024 पर भद्राकाल और शुभ मुहूर्त के बारे में जानकारी से आपको अपने पर्व को शुभ और उल्लासपूर्ण बनाने में मदद मिलेगी। आशा है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।
